
जनपद गोरखपुर के पिपराइच विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अराजी चौरी में कथित रूप से सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि पंचायत में विकास कार्यों व राजस्व मद में फर्जी बिल-वाउचर लगाकर तथा ब्लैक (काली) फोटो अपलोड कर भुगतान किया गया।
इस पूरे प्रकरण की शिकायत दस्तावेजी प्रमाणों के साथ जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर दर्ज कराई जा चुकी है।
➡ पुलिस विभाग IGRS शिकायत संख्या : 40018826006337
➡ पंचायती राज विभाग IGRS शिकायत संख्या : 40018826006336
इसके अलावा जिलाधिकारी गोरखपुर एवं उच्च अधिकारियों को भी डिजिटल माध्यम से शिकायत भेजी गई है।
शिकायतकर्ता विजय प्रताप सिंह (स्वतंत्र पत्रकार, जनपद रायबरेली) का कहना है कि सरकारी नियमों के अनुसार भुगतान हेतु पक्का बिल-वाउचर, जीएसटी नंबर, दिनांक, ग्राम प्रधान की मोहर व कार्य की फोटो अनिवार्य होती है, लेकिन यहां इन नियमों को दरकिनार कर भुगतान किया गया।
प्रमुख फर्जी बिल-वाउचर व भुगतान का विवरण
शिकायत में जिन प्रमुख बिल-वाउचर/आईडी नंबरों का उल्लेख किया गया है, वे इस प्रकार हैं —
दिनांक 16.01.2026 – ₹75,125
कार्य : ड्रिंकिंग वाटर फैसिलिटी (RO)
→ वाउचर में केवल “Measures PM Raj” लिखा है, शेष पूरा ब्लैंक।
दिनांक 31.01.2026 – ₹60,818
फर्म : मौर्य ट्रेडर्स
→ बिल दिनांक 18.10.2025 का लगाया गया, पर ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर नहीं।
दिनांक 31.01.2026 – ₹14,740
कार्य : ड्रिंकिंग वाटर इंस्टॉलेशन RO
→ बिल दिनांक 19.12.2025 का, जीएसटी अंकित नहीं।
वाउचर वर्ष 2025 – ₹97,940
कार्य : ड्रिंकिंग वाटर फैसिलिटी
→ इनवॉइस नंबर 231, कोई दिनांक नहीं।
वाउचर वर्ष 2025 – ₹71,930
कार्य : ड्रिंकिंग वाटर
→ इनवॉइस नंबर 230, बिना दिनांक व बिना प्रमाणिकता।
दिनांक 18.12.2025 – ₹29,995
→ बिल की जगह ब्लैक फोटो अपलोड।
दिनांक 18.12.2025 – ₹21,480
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ पक्का वाउचर न लगाकर ब्लैक फोटो।
दिनांक 18.12.2025 – ₹23,900
→ ब्लैक फोटो अपलोड कर भुगतान।
दिनांक 18.12.2025 – ₹24,020
→ पक्का बिल न लगाकर ब्लैक फोटो।
दिनांक 20.12.2025 – ₹2,420
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ पक्का बिल-वाउचर के स्थान पर ब्लैक फोटो।
दिनांक 01.11.2025 – ₹24,000
आईडी नंबर : 101018432
→ बिल अपूर्ण, ग्राम प्रधान की मोहर नहीं।
दिनांक 01.11.2025 – ₹59,990
आईडी नंबर : 110431403
→ पक्के बिल की जगह छोटी अधूरी रसीद, पूरा वाउचर ब्लैक।
दिनांक 01.11.2025 – ₹66,510
आईडी नंबर : 101019444
→ पक्का बिल न लगाकर ब्लैक फोटो अपलोड।
दिनांक 01.11.2025 – ₹18,510
आईडी नंबर : 58392046
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ ब्लैक फोटो लगाकर भुगतान।
दिनांक 01.11.2025 – ₹59,846
आईडी नंबर : 126591684
→ इनवॉइस नंबर 227, बिना दिनांक, बिना मोहर।
मास्टर रोल भुगतान – ₹13,212
आईडी नंबर : 126591684
→ किसी भी मजदूर के हस्ताक्षर नहीं।
दिनांक 01.11.2025 – ₹49,405
आईडी नंबर : 126591832
→ इनवॉइस नंबर 228, कोई दिनांक अंकित नहीं।
शिकायतकर्ता का दावा है कि इस प्रकार के सैकड़ों फर्जी बिल-वाउचर सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध हैं, जिनके स्क्रीनशॉट व दस्तावेज शिकायत के साथ संलग्न किए गए हैं।
कार्रवाई की मांग
विजय प्रताप सिंह ने मांग की है कि —
✔ पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
✔ ग्राम प्रधान गंगा मौर्य व पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार पासी की भूमिका की जांच हो
✔ दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए
✔ गबन की गई धनराशि की रिकवरी की जाए
✔ संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए
अब कार्रवाई पर टिकी निगाहें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर से जुड़ा मामला होने के कारण अब निगाहें पुलिस, पंचायती राज विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
IGRS पर शिकायत दर्ज होने के बाद यह देखना अहम होगा कि तीनों स्तरों पर कब और कैसी कार्रवाई होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो पंचायत स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार पर बड़ी चोट पड़ सकती है।

