
शहीद भारत भूषण तिवारी श्रद्धांजलि सभा से पहले उठा सवाल: जिम्मेदारी लेने के बाद संपर्क क्यों टूटा? विजय प्रताप सिंह ने नैतिक जवाबदेही पर उठाए प्रश्न
रायबरेली। समाज तक फाउंडेशन के तत्वावधान में प्रस्तावित शहीद भारत भूषण तिवारी श्रद्धांजलि सभा एवं कवि गोष्ठी को लेकर नया विवाद सामने आया है। फाउंडेशन के डायरेक्टर विजय प्रताप सिंह ने कवि मधुप श्रीवास्तव उर्फ ‘नर कंकाल’ के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
विजय प्रताप सिंह का कहना है कि कार्यक्रम से पूर्व फोन पर बातचीत के दौरान मधुप श्रीवास्तव उर्फ नर कंकाल ने स्थानीय स्तर पर कवियों की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया था। उनके अनुसार, बाद में जब कार्यक्रम को लेकर दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो फोन का कोई उत्तर नहीं मिला और न ही किसी प्रकार की सूचना या प्रतिक्रिया दी गई।
विजय प्रताप सिंह ने कहा, “यदि किसी कारणवश कार्यक्रम में सहयोग करना संभव नहीं था, तो साफ़ शब्दों में मना कर देना चाहिए था। अंतिम समय में संपर्क समाप्त कर देना आयोजकों के लिए कठिन स्थिति पैदा करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह मामला केवल एक कार्यक्रम का नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में विश्वास, संवाद और नैतिक जिम्मेदारी का है। उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति किसी आयोजन की जिम्मेदारी स्वीकार करता है, तो परिस्थितियाँ बदलने पर भी आयोजकों को समय रहते सूचित करना उसका नैतिक दायित्व है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह सवाल केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़े लोगों के लिए है कि क्या आयोजकों के प्रति उनकी जवाबदेही नहीं होनी चाहिए?
नोट: यह समाचार आयोजकों द्वारा व्यक्त किए गए पक्ष पर आधारित है। यदि मधुप श्रीवास्तव उर्फ नर कंकाल अपना पक्ष या स्पष्टीकरण देना चाहते हैं, तो समाज तक मीडिया उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।

