लखनऊ।
पत्रकारिता के क्षेत्र को और अधिक मजबूत, जागरूक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में आज राजधानी लखनऊ में डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन पाठ्यक्रम की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। इस परीक्षा में रायबरेली जनपद निवासी वरिष्ठ पत्रकार विजय प्रताप सिंह ने भी प्रतिभाग किया।

परीक्षा में AI टूल्स, न्यू मीडिया, मास कम्युनिकेशन थ्योरी, प्रिंट जर्नलिज्म एवं स्क्रिप्ट राइटिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे गए। यह स्पष्ट करता है कि अब पत्रकारिता केवल रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि तकनीक, कंटेंट और प्रस्तुति की गहरी समझ भी आवश्यक हो गई है।
परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों में खासा उत्साह देखा गया। पत्रकार विजय प्रताप सिंह ने परीक्षा उपरांत बताया कि प्रश्नपत्र व्यावहारिक पत्रकारिता, नैतिक मूल्यों और वर्तमान मीडिया परिदृश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। उनका कहना है कि इस प्रकार की परीक्षाएं पत्रकारिता में मौजूद कमियों को दूर करने में सहायक होंगी और आने वाले समय में एक सशक्त पत्रकार वर्ग तैयार करेंगी।
उन्होंने कहा कि,
“आज पत्रकारिता के नाम पर बहुत कुछ कहा और दिखाया जा रहा है, लेकिन अब जरूरत है ऐसे प्रशिक्षित पत्रकारों की जो तथ्यों के साथ बोलें और लिखें। हमारा उद्देश्य यही है कि किसी भी तरह से पत्रकारिता क्षेत्र में कोई कमी न रह जाए और झूठ, भ्रम व अफवाह फैलाने वालों का हर स्तर पर मुंह बंद किया जा सके।”
परीक्षार्थियों ने उम्मीद जताई कि जल्द ही परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा और इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में नई सोच और नई ऊर्जा के साथ कार्य किया जाएगा।
यह परीक्षा न केवल एक शैक्षणिक प्रक्रिया है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि अब पत्रकारिता को हल्के में नहीं लिया जाएगा, बल्कि उसे पेशेवर, प्रशिक्षित और जवाबदेह बनाया जाएगा।
संदेश:
समाज को जागरूक करने और सच को सामने लाने के लिए अब ऐसे पत्रकारों की जरूरत है जो न दबें, न डरें और न बिकें — बल्कि हर परिस्थिति में सच के साथ खड़े रहें।

