पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची में संशोधन, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किया कार्यक्रम
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया जनवरी से अप्रैल 2026 तक चलेगी।
जारी कार्यक्रम के तहत जिन मतदाताओं का नाम सूची में छूट गया है, या जिनकी जानकारी में त्रुटि है, वे निर्धारित समय में अपना दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
यह रहेगा पूरा कार्यक्रम
मतदाता सूची में दावे और आपत्तियों का निस्तारण
👉 7 जनवरी 2026 से 16 मार्च 2026 तक
इसके बाद मतदाता सूची को कंप्यूटराइज्ड कर मूल सूची में जोड़ा जाएगा
👉 21 फरवरी 2026 से 16 मार्च 2026 तक
मतदान केंद्रों व बूथों का क्रमांकन, बोर्डिंग व सूची तैयार करने का कार्य
👉 17 मार्च 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
👉 15 अप्रैल 2026
जिलाधिकारियों को निर्देश
आयोग ने सभी जिलाधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।
स्थानीय समाचार पत्रों और सरकारी कार्यालयों के सूचना पटों पर इस कार्यक्रम को प्रदर्शित करने के आदेश भी दिए गए हैं।
अवकाश के दिन भी खुले रहेंगे दफ्तर
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाशों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे, जिससे समय पर कार्य पूरा किया जा सके।
समाज तक विशेष
पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने की यह प्रक्रिया बेहद अहम मानी जा रही है। इससे न केवल नए मतदाताओं का नाम जुड़ेगा, बल्कि फर्जी व मृत मतदाताओं के नाम हटाने में भी मदद मिलेगी।

