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गोरखपुर में मनरेगा घोटाले का सनसनीखेज खुलासा

एनएमएमएस ऐप से फर्जी हाजिरी लगाकर ₹1.56 लाख से अधिक की हेराफेरी का आरोप

गोरखपुर जनपद के गोला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अहिरौली में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि 29 जनवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच एनएमएमएस (NMMS) मोबाइल ऐप के माध्यम से मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

स्वतंत्र पत्रकार एवं समाजसेवी विजय प्रताप सिंह द्वारा जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक/डीसी मनरेगा को भेजी गई शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, एक ही व्यक्ति की फोटो को कई मजदूरों के नाम पर अपलोड किया गया तथा मोबाइल स्टोरेज में रखी गई पुरानी तस्वीरों को “लाइव लोकेशन” की जगह इस्तेमाल किया गया। जबकि शासनादेश के अनुसार प्रतिदिन दो बार फोटो अपलोड करना अनिवार्य है, लेकिन केवल एक बार फोटो लेकर औपचारिकता पूरी की गई।

तिथिवार संदिग्ध मजदूर उपस्थिति

29 जनवरी – 50 मजदूर

30 जनवरी – 50 मजदूर

31 जनवरी – 50 मजदूर

1 फरवरी – 50 मजदूर

2 फरवरी – 50 मजदूर

3 फरवरी – 50 मजदूर

4 फरवरी – 50 मजदूर

5 फरवरी – 50 मजदूर

6 फरवरी – 50 मजदूर

7 फरवरी – 50 मजदूर

9 फरवरी – 49 मजदूर

10 फरवरी – 37 मजदूर

11 फरवरी – 37 मजदूर

कुल संदिग्ध मजदूर-दिवस: 623

प्रति मजदूर मजदूरी: ₹252

कुल संभावित वित्तीय अनियमितता: ₹1,56,996

संदेह के घेरे में मास्टर रोल

5823, 5824, 5825, 5826, 5827, 5959, 5960, 5961, 5962

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से गरीब मजदूरों के अधिकारों का हनन हुआ और सरकारी धन की खुली लूट की गई। मामला न केवल वित्तीय अनियमितता का है, बल्कि सरकार की पारदर्शिता और जीरो टॉलरेंस नीति पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

जांच और कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि—

संबंधित मास्टर रोल की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराई जाए।

एनएमएमएस ऐप के सर्वर लॉग और जियो-टैग फोटो की तकनीकी जांच हो।

दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित की जाए।

जांच की प्रगति की सूचना शिकायतकर्ता को दी जाए।

शिकायतकर्ता का कहना है कि वे इस प्रकरण से जुड़े सभी साक्ष्य उपलब्ध कराने को तैयार हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।

दिनांक: 12 फरवरी 2026

रिपोर्ट: विजय प्रताप सिंh

(स्वतंत्र पत्रकार एवं समाजसेवी)

Samaj Tak
Author: Samaj Tak

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