
गोरखपुर।
उत्तर प्रदेश सरकार जहां एक ओर भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाए हुए है, वहीं गोरखपुर जनपद के पिपराइच ब्लॉक की रामनगर करजहाँ ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना को कुछ जिम्मेदारों ने लूट की मशीन बना दिया है।
मनरेगा, जिसका मकसद गरीब मजदूरों को रोजगार देना है, यहां फर्जी फोटो, फर्जी नाम और फर्जी हाजिरी के सहारे सरकारी पैसे निकालने का जरिया बन चुकी है।
NMMS ऐप की सरेआम धज्जियां
भारत सरकार ने मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति दर्ज करने के लिए NMMS ऐप लागू किया था, ताकि जिस मजदूर ने काम किया हो, उसी की मौके पर फोटो ली जाए।
लेकिन रामनगर करजहाँ पंचायत में हालात यह हैं कि एक भी फोटो असली मजदूर की नहीं दिखती।
कहीं महिला मजदूर की जगह पुरुष की तस्वीर, तो कहीं एक ही व्यक्ति की फोटो कई-कई बार लगाई गई।
9 से 22 जनवरी तक रोज़ाना फर्जीवाड़ा
स्वतंत्र पत्रकार विजय प्रताप सिंह की डिजिटल पड़ताल में सामने आया कि
दिनांक 9 जनवरी 2026 से 22 जनवरी 2026 तक लगातार मनरेगा में फर्जी मजदूर दिखाकर भुगतान कराया गया।
जानकारी के मुताबिक—
9 और 10 जनवरी को 109-109 मजदूर फर्जी दिखाए गए
11 और 12 जनवरी को 107-107 मजदूर
13 और 14 जनवरी को 106-106 मजदूर
15 जनवरी को 96 मजदूर
16 जनवरी को 103 मजदूर
17, 18 और 19 जनवरी को 68-68 मजदूर
20 जनवरी को 13 मजदूर
21 और 22 जनवरी को 12-12 मजदूर
इस तरह कुल 1084 श्रमिक-दिवस फर्जी पाए गए।
₹252 रोज़ के हिसाब से 2.73 लाख की धांधली
मनरेगा की मौजूदा मजदूरी दर ₹252 प्रति दिन के हिसाब से देखें तो
इस पूरे फर्जीवाड़े में करीब ₹2,73,168 रुपये की सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया।
ये मास्टर रोल शक के घेरे में
4637, 4638, 4639, 4640,
4655 से 4662 तक,
4866, 4867 और 4868
इन सभी मास्टर रोल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सवाल जो जवाब मांगते हैं
जब
मनरेगा कानून फर्जी उपस्थिति को अपराध मानता है,
NMMS ऐप सीधे केंद्र सरकार की निगरानी में है,
तो फिर इतने बड़े पैमाने पर यह खेल बिना संरक्षण के कैसे चल रहा है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई, तो मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना से गरीबों का भरोसा उठ जाएगा।
शिकायत दर्ज, कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी गोरखपुर सहित संबंधित अधिकारियों और थाना पिपराइच को शिकायत भेजी गई है।
मांग की गई है कि दोषी ग्राम प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक और अन्य जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई हो और फर्जी भुगतान की रकम वसूली जाए।
अब देखना यह होगा कि
👉 सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति यहां तक पहुंचती है या नहीं,
या फिर मनरेगा यूं ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती रहेगी।
✍️ रिपोर्ट: विजय प्रताप सिंह
📱 संपर्क: 7985372828
☎️ लैंडलाइन: 0535-2988112
🌐 समाज तक | www.samajtak.com

