
गोरखपुर।
जनपद गोरखपुर के विकास खंड पिपराइच अंतर्गत ग्राम पंचायत अराजी चौरी में कथित फर्जी बिल-वाउचर के माध्यम से सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। इस प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसका संदर्भ संख्या 4001 / 8826005358 है।
शिकायतकर्ता विजय प्रताप सिंह (स्वतंत्र पत्रकार एवं समाजसेवी, जनपद रायबरेली) द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया है कि ग्राम पंचायत अराजी चौरी से संबंधित एक वाउचर (राशि लगभग ₹55,310) को दिनांक 19 मई 2025 को सरकारी पोर्टल पर अपलोड किया गया, जबकि उक्त वाउचर पर न तो कोई स्पष्ट दिनांक अंकित है और न ही ग्राम प्रधान अथवा पंचायत सचिव का प्रमाणन किया गया है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि वाउचर में GST से संबंधित कोई वैध विवरण स्पष्ट नहीं है, जिससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि क्या वास्तव में संबंधित कर शासन को जमा कराया गया है अथवा नहीं। वाउचर संख्या 55310 का भी कोई ठोस मिलान नहीं हो पा रहा है, जिससे पूरे भुगतान की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले को गंभीर मानते हुए शिकायतकर्ता द्वारा डिजिटल माध्यम से जिलाधिकारी गोरखपुर, प्रमुख सचिव पंचायती राज विभाग तथा भारत सरकार के संबंधित उच्च अधिकारियों को भी सूचना प्रेषित की गई है। शिकायत में मांग की गई है कि:
संबंधित वाउचर की वित्तीय एवं तकनीकी जांच कराई जाए,
ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव एवं बिल जारी करने वाली फर्म की भूमिका की जांच हो,
दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय व आपराधिक कार्रवाई की जाए,
पूरे ब्लॉक स्तर पर ऐसे बिल-वाउचरों का विशेष ऑडिट कराया जाए।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह केवल एक उदाहरण है, जबकि पंचायतों की वेबसाइट पर ऐसे सैकड़ों संदिग्ध बिल-वाउचर अपलोड हैं, जिनके माध्यम से बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किए जाने की आशंका है। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो सरकारी धन की भारी क्षति के साथ-साथ सरकार की पारदर्शिता और ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर भी प्रश्नचिन्ह लगेगा।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और दोषियों के विरुद्ध कब तक जांच पूरी कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

