
गोरखपुर जनपद के बरहलगंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बीमुटी में मनरेगा योजना को मजाक बना दिया गया है।
जिस योजना का मकसद गरीब को काम देना था, वहां अब मोबाइल से फोटो लगाकर सरकारी पैसा उड़ाया जा रहा है।
समाज तक डिजिटल मीडिया की पड़ताल में सामने आया है कि
दिनांक 14 जनवरी 2026 से 27 जनवरी 2026 तक मजदूरों की उपस्थिति NMMS ऐप पर पूरी तरह फर्जी तरीके से दर्ज की गई।
स्थिति यह है कि –
किसी का नाम, किसी और का फोटो।
महिला मजदूर के नाम पर पुरुष का फोटो।
पुरुष मजदूर के नाम पर महिला का फोटो।
सुबह की तस्वीर किसी और की, शाम की किसी और की।
यहां तक कि एक ही फोटो को कई-कई मास्टर रोल में चिपका दिया गया।
यानी मजदूर खेत में नहीं,
और पैसा सीधे सिस्टम से निकल गया।
कागजों में 516 मजदूर, ज़मीन पर सन्नाटा
14 जनवरी – 55 मजदूर
15 जनवरी – 57 मजदूर
16 जनवरी – 57 मजदूर
17 जनवरी – 56 मजदूर
18 जनवरी – 54 मजदूर
22 जनवरी – 50 मजदूर
23 जनवरी – 47 मजदूर
24 जनवरी – 45 मजदूर
25 जनवरी – 49 मजदूर
27 जनवरी – 46 मजदूर
इन 10 दिनों में कागजों पर दिखाए गए
कुल 516 मजदूर पूरी तरह फर्जी पाए गए।
₹1,30,032 रुपये की हेराफेरी
मनरेगा में एक मजदूर की मजदूरी ₹252 प्रतिदिन है।
516 मजदूर-दिवस के हिसाब से
₹1,30,032 रुपये का भुगतान दिखाया गया है।
मतलब साफ है –
सरकारी खजाने से पैसा निकाला गया, मजदूर था ही नहीं।
इन मास्टर रोल पर खेल हुआ
3778, 3779, 3780, 3781, 3782, 3783
3901, 3902, 3903, 3904, 3905, 3906
इन्हीं मास्टर रोल में
फोटो बदल-बदल कर हाजिरी दर्ज की गई।
AC कमरे में अफसर, ज़मीन पर फर्जीवाड़ा
ग्रामीणों का कहना है कि
ब्लॉक स्तर पर बैठे जिम्मेदार अफसर
AC कमरों में बैठकर फाइलें निपटा रहे हैं
और नीचे गांव में
मनरेगा को लूट का जरिया बना दिया गया है।
NMMS ऐप जिस पारदर्शिता के लिए लाई गई थी,
उसे ही धोखाधड़ी का हथियार बना दिया गया।
IGRS पर शिकायत, अब निगाहें कार्रवाई पर
इस पूरे मामले की शिकायत
IGRS पोर्टल पर दर्ज कर दी गई है।
शिकायत संख्या – 40018826004297
शिकायत भेजी गई है –
जिलाधिकारी, गोरखपुर
मुख्य विकास अधिकारी
डीसी मनरेगा
मनरेगा लोकपाल
प्रमुख सचिव (ग्राम्य विकास)
और भारत सरकार तक
अब सवाल सिर्फ एक है –
क्या दोषियों पर FIR होगी?
या फिर यह मामला भी
फाइलों के ढेर में दबा दिया जाएगा?
समाज तक डिजिटल मीडिया इस पूरे मामले पर
लगातार नजर रखेगा।
गरीब मजदूरों के नाम पर पैसा खाने वालों को
अब छिपने नहीं दिया जाएगा।
✍ रिपोर्ट – विजय प्रताप सिंह
समाज तक डिजिटल पोर्टल
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