सतांव ग्राम प्रधान और अधिकारियों की मिली भगत से सरकार के साथ किया जा रहा बड़ा घोटाला
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में मनरेगा योजना में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है गुरबक्श गंज क्षेत्र की सतांव ग्राम पंचायत के कोडर गांव में 17 फरवरी दिन सोमवार को एक ही दिन में 64 मजदूरों की हाजिरी दिखाई गई लेकिन मौके पर एक भी मजदूर काम करता नहीं मिला सरकार ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए मनरेगा में डिजिटल व्यवस्था लागू की है जिसके तहत मजदूरों की हाजिरी NMMS एप पर दर्ज की जाती है कोई भी नागरिक इस एप चल रहे कार्यों की जानकारी देख सकता है
जांच में पता चला कि ग्राम प्रधान और अधिकारियों की मिलीभगत से सिर्फ एप पर फोटो अपलोड कर दी जाती है जीपीएस लोकेशन पर जाकर देखने से पता चला कि वहां कोई काम नहीं हो रहा है इस तरह फर्जी हाजिरी दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है यह मामला दर्शाता है कि डिजिटल व्यवस्था के बावजूद कुछ लोग सरकारी योजनाओं में घोटाला करने का रास्ता निकाल लेते हैं एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में फर्जी हाजिरी से अंदाजा लगाया जा सकता है की योजना में कितना बड़ा घोटाला हो रहा है
इस मामले पर जब विकासखंड अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा है कि हम जांच करवा कर कार्रवाई करेंगे और डीसी मनरेगा अधिकारी को इस मामले पर जब अवगत कराया गया तो उन्होंने भी जांच करवा कर कार्रवाई की बात कही है ✍️विजय प्रताप सिंह

