रायबरेली: क्या पुलिसकर्मियों पर ट्रैफिक नियम लागू नहीं होते? वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल
रायबरेली। जनपद रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गुरबक्शगंज चौकी इलाके से सामने आए एक वीडियो ने सड़क सुरक्षा और कानून के समान पालन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक पुलिसकर्मी बुलेट मोटरसाइकिल पर बिना हेलमेट दिखाई दे रहा है। वाहन का नंबर UP15DW3639 स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। यदि वीडियो वास्तविक और वर्तमान है, तो यह मामला जांच का विषय बन सकता है।
सवाल यह उठता है कि क्या ट्रैफिक नियम केवल आम जनता के लिए हैं, या उनका पालन पुलिसकर्मियों सहित सभी पर समान रूप से लागू होता है? आम नागरिकों के हेलमेट न पहनने या अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान काटे जाते हैं, लेकिन यदि वही नियम कानून लागू कराने वाले कर्मियों द्वारा तोड़े जाएं, तो क्या उनके विरुद्ध भी समान कार्रवाई होती है?
ट्रैफिक नियम क्या कहते हैं?
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 एवं संशोधित नियमों के अनुसार:
बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना – चालक और पीछे बैठने वाले (जहां नियम लागू हों) के लिए हेलमेट अनिवार्य है।
ओवर स्पीडिंग – निर्धारित गति सीमा से अधिक वाहन चलाना दंडनीय है।
खतरनाक ड्राइविंग – लापरवाही या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाली ड्राइविंग अपराध की श्रेणी में आती है।
ट्रैफिक संकेतों का उल्लंघन – रेड लाइट, नो-एंट्री या अन्य यातायात संकेतों का उल्लंघन दंडनीय है।
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग – प्रतिबंधित है।
बिना वैध दस्तावेज (DL, RC, Insurance, Pollution Certificate) वाहन चलाना भी नियमों का उल्लंघन है।
कानून सबके लिए समान
भारतीय कानून का मूल सिद्धांत है कि कानून की नजर में सभी नागरिक समान हैं। चाहे वह आम नागरिक हो, जनप्रतिनिधि हो या पुलिसकर्मी—यातायात नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है।
यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा भी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो संबंधित विभाग जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर सकता है। वहीं, यदि वीडियो की परिस्थितियां अलग हों (जैसे किसी आपातकालीन ड्यूटी के दौरान विशेष स्थिति), तो उसका आकलन जांच के बाद ही किया जा सकता है।
जनता का सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आम नागरिकों से नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है, तो कानून लागू कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी समान उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। इससे जनता का कानून और व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा।
समाज तक इस मामले में संबंधित पुलिस एवं यातायात विभाग का पक्ष भी प्रकाशित करने के लिए तैयार है। यदि विभाग इस संबंध में कोई स्पष्टीकरण जारी करता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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