रायबरेली जनपद के विकास खंड सताँव सराय मुबारक ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत गंभीर धांधली का मामला सामने आया है। मनरेगा मजदूरी के भुगतान में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हो रहा है, जहां मौके पर किसी मजदूर को काम करता नहीं पाया गया, लेकिन उनकी फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है।
फर्जी हाजिरी का खुलासाग्रामीणों से बातचीत में पता चला कि हाजिरी लाइव अपलोड करने के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। काम पर मौजूद मजदूरों की बजाय कुछ अन्य लोगों की फोटो अपलोड कर दी जाती है, जिससे वास्तविक मजदूरों को उनका हक नहीं मिल पाता। मजदूरों के अनुसार, मौके पर काम करने वाले श्रमिकों की तस्वीर होनी चाहिए, लेकिन ऐसा न होकर छत पर खड़े अन्य लोगों की तस्वीरें अपलोड कर दी जाती हैं।
मौके पर सुबह 11 मजदूरों की हाजिरी चढ़ाई गई और दोबारा से फिर दूसरी पाली में चार मजदूरों की हाजिरी फर्जी तरीके से चढ़ाई गई, जिससे साफ तौर पर धांधली उजागर होती है।
ग्राम प्रधान पर धांधली छिपाने का आरोपगांव के लोगों के अनुसार, जब पत्रकार इस भ्रष्टाचार को उजागर करने पहुंचे, तो ग्राम प्रधान ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और मामले को दबाने की कोशिश की।
शासन-प्रशासन की चुप्पी पर सवालजब इस संबंध में डीसी मनरेगा से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं, विकासखंड अधिकारी से संपर्क करने पर कोई ठोस जवाब नहीं मिला। ट्विटर पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
क्या होगी कार्रवाई?अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या इस मामले में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा, या फिर हमेशा की तरह यह भ्रष्टाचार की एक और कहानी बनकर रह जाएगी? सरकार और प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मनरेगा मजदूरों को उनका उचित हक दिलाया जाए। ✍️विजय प्रताप सिंह
