जहां हर सोमवार और शुक्रवार को साप्ताहिक बाजार लगता है, हजारों लोगों की आवाजाही का केंद्र बना हुआ है। फल, सब्जियां और अनाज खरीदने और बेचने के लिए यहां दूर-दराज से व्यापारी और ग्राहक आते हैं, लेकिन इस भीड़-भाड़ वाले बाजार में एक बुनियादी समस्या लंबे समय से बनी हुई है—पानी की भारी किल्लत।
सरकार द्वारा जल संकट को दूर करने के लिए कई योजनाएं और अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इन बाजार में पानी की सुविधा पूरी तरह से चरमरा चुकी है। यहां पर लोगों के लिए पेयजल का कोई उचित प्रबंध नहीं है। इंडियामार्क हैंडपंप या अन्य जल स्रोत भी सुचारू रूप से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बाजार में दुकानदारों और ग्रामीणों ने कई बार इस समस्या को उठाया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि इस महत्वपूर्ण बाजार में जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था सुचारू की जाए, ताकि व्यापारियों और ग्राहकों को राहत मिल सके।
क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान देगा?
अब यह देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस समस्या का समाधान निकालता है और बाजार में पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करता है। मीडिया के माध्यम से इस खबर को प्रमुखता से उठाया जा रहा है, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों तक यह मुद्दा पहुंचे और लोगों को राहत मिले।
