जनपद रायबरेली 02/04/2025 – जिस इमारत में जनपद सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, और कई अन्य न्यायिक अदालतें मौजूद हैं, वहां गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। न्याय की इस पवित्र भूमि पर जगह-जगह कूड़ा करकट बिखरा हुआ है, शौचालयों की स्थिति दयनीय बनी हुई है, और स्वच्छता व्यवस्था का कोई अता-पता नहीं है।
न्यायालय परिसर में प्रतिदिन सैकड़ों वकील, वादकारी और अन्य लोग पहुंचते हैं, लेकिन सफाई की कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण दुर्गंध और गंदगी के बीच काम करने को मजबूर हैं। कोर्ट परिसर में बिखरी गंदगी से न केवल न्यायिक कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है, बल्कि यहां आने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन की अनदेखी!
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासनिक अधिकारियों की नजर इस दुर्दशा पर नहीं पड़ती? आखिर क्यों एक महत्वपूर्ण स्थान होते हुए भी न्यायालय की सफाई व्यवस्था की अनदेखी की जा रही है? क्या जिम्मेदार विभागों की कोई जवाबदेही नहीं बनती?
वकीलों और वादकारियों की नाराजगी
अदालत में काम करने वाले वकीलों और आने वाले लोगों ने इस स्थिति पर नाराजगी जाहिर की है। कुछ वकीलों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
क्या होगी कोई ठोस पहल?
न्यायालय जैसी महत्वपूर्ण जगह की स्वच्छता बनाए रखना न केवल प्रशासन का कर्तव्य है, बल्कि यहां काम करने वाले और आने-जाने वालों की भी जिम्मेदारी बनती है। क्या अब प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम उठाएगा, या फिर न्याय के इस मंदिर को यूं ही गंदगी के हवाले छोड़ दिया जाएगा?
प्रबंध निदेशक -समाज तक ✍️विजय प्रताप सिंह
