बैंक मित्र, जो देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं, आज शोषण का शिकार हो रहे हैं। सरकार की वित्तीय समावेशन योजना के तहत कार्यरत इन बैंक मित्रों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। कमीशन में लगातार कटौती, अनुचित टारगेट प्रेशर और मनमाने ढंग से कोड बंद करने जैसी समस्याएं बैंक मित्रों की रोज़मर्रा की सच्चाई बन चुकी हैं। इस अन्याय के खिलाफ अब सीएसपी वेलफेयर एसोसिएशन संगठन ने आवाज बुलंद की है और बैंक मित्रों को एकजुट करने का प्रयास कर रहा है।
बैंक मित्रों की दुर्दशा
बैंक मित्र, जिन्हें बैंकों से सीधा जोड़ने के बजाय गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीसी) के माध्यम से नियुक्त किया जाता है, लगातार आर्थिक असुरक्षा झेल रहे हैं। उनका कमीशन मनमाने ढंग से काटा जाता है, और जब वे अपने अधिकारों की बात करते हैं तो उनके कोड को बंद करने की धमकी दी जाती है।
इसके अलावा, बैंक बीमा और अन्य वित्तीय योजनाओं को बेचने के लिए बैंक मित्रों पर जबरन दबाव बनाया जाता है। उन्हें बार-बार कहा जाता है कि उनका कार्य केवल ट्रांजैक्शन करना नहीं है, बल्कि उन्हें बीमा और अन्य सेवाएं भी बेचनी होंगी। इस दबाव के चलते कई बैंक मित्र मानसिक तनाव में आ जाते हैं और कुछ ने तो आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया है।
सीएसपी वेलफेयर एसोसिएशन संगठन का संघर्ष
सीएसपी वेलफेयर एसोसिएशन संगठन बैंक मित्रों को जागरूक करने, उन्हें एकजुट करने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है। संगठन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंक मित्रों को उचित कमीशन मिले, उनका शोषण न हो और उनकी नौकरी की सुरक्षा बनी रहे। संगठन सरकार और बैंक प्रशासन तक यह संदेश पहुंचाना चाहता है कि बैंक मित्रों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनके अधिकारों की रक्षा की जाए।
बैंक मित्रों की मांगें
सीधे बैंक से जोड़ने की व्यवस्था – बैंक मित्रों को एनबीसी के माध्यम से जोड़ने की बजाय उन्हें सीधे बैंकों से जोड़ा जाए ताकि उनके साथ होने वाले अन्याय को रोका जा सके।
उचित कमीशन प्रणाली – कमीशन में कटौती बंद की जाए और पारदर्शी तरीके से भुगतान किया जाए।
कोड बंद करने की मनमानी पर रोक – बैंक मित्रों के कोड को बिना किसी ठोस कारण के बंद करने की प्रथा पर रोक लगाई जाए।
बीमा और अन्य टारगेट का दबाव खत्म हो – बैंक मित्रों को उनके मूल कार्य तक सीमित रखा जाए और जबरन बीमा या अन्य सेवाएं बेचने का दबाव न बनाया जाए।
शिकायत निवारण प्रणाली – बैंक मित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए एक मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली बनाई जाए।
संघर्ष जारी रहेगा
सीएसपी वेलफेयर संगठन का यह अभियान लगातार जारी रहेगा जब तक कि बैंक मित्रों को उनके अधिकार नहीं मिल जाते। संगठन ने बैंक मित्रों से अपील की है कि वे संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करें ताकि प्रशासन और सरकार तक उनकी बात प्रभावी तरीके से पहुंचे।
यह लड़ाई केवल बैंक मित्रों की नहीं, बल्कि उस पूरे वर्ग की है जो मेहनत से काम करता है और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। अगर सरकार और बैंक प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देंगे, तो बैंक मित्रों का यह आंदोलन और तेज होगा। ✍️विजय प्रताप सिंह
