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सताँव ब्लॉक कार्यालय की बदहाली पर उठे गंभीर सवाल, गंदगी और टूटे शौचालयों के बीच कैसे चलेगा सरकारी कामकाज?

रायबरेली। सताँव ब्लॉक कार्यालय परिसर की बदहाल व्यवस्थाओं ने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर उजागर कर दिया है। कार्यालय परिसर में गंदगी, टूटे शौचालय-बाथरूम और सफाई व्यवस्था की बदहाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि यहां आने वाले ग्रामीणों के साथ-साथ कार्यालय में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशानी उठानी पड़ रही है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस ब्लॉक कार्यालय पर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं और स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी है, उसी कार्यालय परिसर की हालत इतनी खराब क्यों है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इन अव्यवस्थाओं पर नहीं पड़ती, या फिर सब कुछ देखकर भी अनदेखा किया जा रहा है?

मामले को लेकर जब मौजूद एडीओ पंचायत अनिल कुमार वर्मा से सवाल किया गया तो उनका जवाब था— “मैं अभी जल्द ही आया हूं।” अधिकारी का यह जवाब अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। यदि अधिकारी हाल ही में आए हैं तो पहले से चली आ रही व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी? और अब जिम्मेदारी संभालने के बाद व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

वहीं, ब्लॉक कार्यालय में बीडीओ की कुर्सी अक्सर खाली रहने की चर्चा भी सामने आ रही है। यदि यह स्थिति नियमित रूप से बनी हुई है तो ग्रामीणों की शिकायतों और विकास कार्यों की निगरानी आखिर किस स्तर पर हो रही है? सरकारी कार्यालय में जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी और जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब ब्लॉक मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में ही साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की हालत बदतर है, तो गांवों में स्वच्छता और विकास व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

सवाल सिर्फ गंदगी का नहीं, बल्कि जवाबदेही का है। सरकारी कार्यालय जनता की सुविधा और प्रशासनिक व्यवस्था का केंद्र होते हैं। ऐसे में वहां टूटे शौचालय, खराब बाथरूम और गंदगी का बने रहना जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

अब देखना यह होगा कि उच्चाधिकारी मामले का संज्ञान लेकर सताँव ब्लॉक कार्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं को कब तक दुरुस्त कराते हैं और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही कब तय होती है। ग्रामीणों ने तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने, शौचालय-बाथरूम की मरम्मत कराने तथा ब्लॉक कार्यालय के प्रशासनिक संचालन को व्यवस्थित करने की मांग की है।

Samaj Tak
Author: Samaj Tak

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