किसानों के हित में बड़े फैसले, ₹3,025.49 करोड़ के बजट को मंजूरी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के संचालक मंडल की 172वीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹3,025.49 करोड़ के बजट सहित किसान कल्याण, कृषि विपणन और मण्डी व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रदेश की सभी मण्डियों के आधुनिकीकरण एवं पुनरोद्धार के साथ उन्हें आधुनिक सुविधाओं से युक्त करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक मण्डियों को ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) प्लेटफॉर्म से जोड़ने, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से अधिकाधिक किसानों को जोड़ने तथा प्रत्येक जनपद में ऑर्गेनिक उत्पादों के सर्टिफिकेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना तथा मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की अवधि 1 जुलाई 2025 से बढ़ाकर 30 जून 2030 तक किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे दुर्घटना अथवा खेत-खलिहान में आग लगने जैसी परिस्थितियों में किसानों एवं उनके परिवारों को समयबद्ध आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।
वहीं, मूल्य समर्थन योजना के तहत दलहन एवं तिलहन की खरीद व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सहकारी संस्थाओं को ब्याजमुक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
मुख्यमंत्री ने पिछली बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी किसान हितैषी एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।
बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रदेश में कृषि विपणन व्यवस्था को मजबूत करने, किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और किसान परिवारों के हितों को और अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा 
रहा है।

