
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, कांवड़ यात्रा, बाढ़ राहत और खाद उपलब्धता की समीक्षा की, दिए सख्त निर्देश
रायबरेली/लखनऊ | समाज तक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महिला सुरक्षा, प्रदेश की कानून-व्यवस्था, कांवड़ यात्रा, बाढ़ की स्थिति, आगामी पर्व एवं त्योहारों की तैयारियों, किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता तथा स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यात्रा के शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित संचालन में बाधा उत्पन्न करने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रामक एवं मिथ्या समाचार फैलाकर माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश का तत्काल तथ्यात्मक खंडन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जनपद बरेली में कांवड़ यात्रा एवं आला हजरत उर्स को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को खाद वितरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो, पैक्स केंद्रों पर आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त मानवबल तैनात किया जाए, उर्वरकों की कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाई जाए तथा खतौनी का सत्यापन करने के बाद ही खाद का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
महिला सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने, प्रदेश में कार्यरत 45 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की प्रभावी तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने तथा महिलाओं की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बाढ़ प्रभावित बलिया, बाराबंकी, उन्नाव सहित आठ जनपदों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित एवं जलमग्न गांवों तक हरसंभव सहायता समय पर पहुंचाई जाए। साथ ही सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, कुशीनगर, मुजफ्फरनगर और बलिया में नदियों के तटबंधों की कटान रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। बलिया में कटान प्रभावित परिवारों को शीघ्र भूमि का पट्टा एवं आवास उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल फिटनेस मानकों पर खरे उतरने वाले स्कूली वाहनों का ही संचालन किया जाए। इसके साथ ही ई-रिक्शा, टैक्सी एवं स्कूली वाहन चालकों का अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा हर हाल में बनी रहे।
समाज तक के अनुसार मुख्यमंत्री के इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना, किसानों को राहत पहुंचाना तथा आगामी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना है।

