
रायबरेली: काशी पूरी-कचौड़ी के मालिक समेत 12 कारोबारियों पर 3.35 लाख का जुर्माना
खाद्य पदार्थों में घटिया गुणवत्ता और पंजीयन नियमों की अनदेखी पर प्रशासन की कार्रवाई, एक माह में जुर्माना जमा करने के आदेश
रायबरेली। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और खाद्य प्रतिष्ठानों में पंजीयन नियमों का पालन कराने को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थों के नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने तथा पंजीयन की शर्तों का उल्लंघन सामने आने के बाद काशी पूरी-कचौड़ी के संचालकों समेत 12 कारोबारियों पर कुल 3.35 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ ने संबंधित मामलों की सुनवाई पूरी करते हुए कारोबारियों पर अर्थदंड लगाने के साथ निर्धारित अवधि में जुर्माने की राशि जमा करने के आदेश दिए हैं।
काशी पूरी-कचौड़ी के संचालकों पर 75-75 हजार का जुर्माना
शहर के गांधी रोड निवासी निशांत जायसवाल और जितेंद्र जायसवाल, जो काशी पूरी-कचौड़ी का संचालन करते हैं, पर पंजीकरण की शर्तों का पालन नहीं करने तथा कोविड-19 के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के मामले में 75-75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इसके अलावा लालगंज के कुंडवल में बिना पंजीयन कारोबार करने पर सोनू गुप्ता पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
अन्य कारोबारियों पर भी कार्रवाई
भोजपुर निवासी दीपक कुमार और गोपी कृष्ण पर गैर-पंजीकृत प्रतिष्ठान संचालित करने के मामले में 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। बिना पंजीयन प्रतिष्ठान चलाने वाले लालगंज निवासी अनिल गुप्ता पर 10 हजार, गोविंदपुर निवासी श्यामलाल पर 25 हजार, बाबा का पुरवा निवासी शिवकरन गुप्ता पर 15 हजार तथा मिल एरिया निवासी सुजीत कुमार पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
वहीं गुप्ता कोल्ड ड्रिंक एंड टी स्टॉल के संचालक भोजपुर निवासी रमेश कुमार पर पनीर का नमूना फेल होने पर 25 हजार रुपये, खोवा का नमूना फेल होने पर रोहित पर 25 हजार रुपये तथा शिवगढ़ निवासी राजेश कुमार पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। राजेश कुमार के बेसन का नमूना अधोमानक पाया गया था।
सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि एडीएम कोर्ट में इन सभी 12 मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद अर्थदंड की कार्रवाई की गई है।
समाज तक | रायबरेली
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों पर हमारी नजर बनी रहेगी।

