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जनसुनवाई शिकायत संख्या 92615800024640 के निस्तारण पर उठे सवाल, शिकायतकर्ता से बिना संपर्क लगाए गई रिपोर्ट!
रायबरेली/लालगंज।
जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत संख्या 92615800024640 के निस्तारण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। शिकायतकर्ता एवं समाज तक मीडिया के संपादक विजय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि संतुष्टि फीडबैक देने के बावजूद मनमाने तरीके से निस्तारण रिपोर्ट लगा दी गई, जबकि उनसे एक बार भी संपर्क नहीं किया गया।
मामला नगर पंचायत लालगंज स्थित कान्हा गौशाला से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता का कहना है कि गौशाला की स्थिति देखने पहुंचे गौभक्तों, सनातनी समाजसेवियों और पत्रकारों को गौशाला के मुख्य द्वार से अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों से फोन पर बातचीत होने के बावजूद गेट खोलने का कोई आश्वासन नहीं मिला। यहां तक कि डायल 112 पुलिस के पहुंचने के बाद भी गौशाला का गेट नहीं खोला गया।
शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि गौशाला में सब कुछ व्यवस्थित था तो निरीक्षण और अवलोकन के लिए पहुंचे लोगों को प्रवेश क्यों नहीं दिया गया? यदि किसी शासनादेश, नियम या प्रशासनिक आदेश के तहत प्रवेश पर रोक थी, तो उसका स्पष्ट उल्लेख निस्तारण रिपोर्ट में क्यों नहीं किया गया?
जनसुनवाई पोर्टल पर अपलोड निस्तारण आख्या में शिकायत को निराकृत बताते हुए व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया गया है, लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत के मूल बिंदुओं की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और बिना वास्तविक संवाद के रिपोर्ट लगा दी गई।
अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि शिकायत संख्या 92615800024640 के निस्तारण के दौरान शिकायतकर्ता से संपर्क क्यों नहीं किया गया? क्या शिकायत की वास्तविक जांच हुई या केवल औपचारिकता निभाकर प्रकरण को समाप्त करने का प्रयास किया गया?
स्थानीय लोगों और गौसेवा से जुड़े व्यक्तियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए तथा यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि गौशाला का गेट बंद रखने के पीछे किसके निर्देश थे और आखिर किन-किन लोगों की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में रही।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से पारदर्शी जांच एवं स्पष्ट जवाब की अपेक्षा कर रहे हैं।

Samaj Tak
Author: Samaj Tak

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