राम मंदिर चढ़ावे पर उठे सवाल: करोड़ों की भेंट की रसीद न मिलने का आरोप, ट्रस्ट पर बढ़ा दबाव
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे और भेंट को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। रोकड़िया हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर आचार्य विनोद मिश्र ने दावा किया है कि जौनपुर के एक रामभक्त परिवार द्वारा भगवान श्रीराम को अर्पित किए गए कीमती हार और चरण पादुका की आज तक रसीद नहीं दी गई है। इस मामले में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू का नाम सामने आने के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं।
आचार्य विनोद मिश्र के अनुसार, उनके शिष्य और जौनपुर निवासी कारोबारी अजय विश्वकर्मा ने राम मंदिर निर्माण पूर्ण होने के बाद भगवान श्रीराम के लिए करोड़ों रुपये मूल्य का भव्य हार और चरण पादुका भेंट की थी। बताया गया कि पूरा परिवार नंगे पैर लगभग 200 किलोमीटर पैदल यात्रा कर अयोध्या पहुंचा था। चार दिनों की कठिन यात्रा के बाद उन्होंने अपनी श्रद्धा स्वरूप यह भेंट अर्पित की।
आरोप है कि चढ़ावे का कार्य देख रहे राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू ने भेंट स्वीकार करते हुए कहा था कि रसीद बाद में उपलब्ध करा दी जाएगी तथा जब हार भगवान के गले में धारण कराया जाएगा तो उसकी तस्वीर भी भेजी जाएगी। लेकिन परिवार का दावा है कि आठ महीने बीत जाने के बाद भी न तो कोई तस्वीर भेजी गई और न ही भेंट की रसीद उपलब्ध कराई गई।
आचार्य विनोद मिश्र ने आगे आरोप लगाया कि बाद में पूछताछ करने पर बताया गया कि हार को बेंगलुरु भेजकर गलवा दिया गया और उसकी ईंट बनाकर सुरक्षित रखी गई है। इस दावे के बाद मंदिर में प्राप्त होने वाले चढ़ावे और उसकी पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि इस मामले में मंदिर ट्रस्ट अथवा संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला श्रद्धालुओं की आस्था और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है।
समाज तक न्यूज़ इस मामले पर संबंधित पक्ष का पक्ष जानने का प्रयास कर रहा है। आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।
रिपोर्ट: समाज तक न्यूज़ डेस्क


