आरक्षण नहीं, केवल योग्यता की जीत: सामान्य वर्ग के धैर्य द्विवेदी ने 12वीं विज्ञान में 92.5% और GUJCET में 110.5 अंक लाकर पेश की मिसाल
सूरत/रायबरेली (समाज तक): वर्तमान समय में जहाँ शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण को लेकर चर्चाएं गर्म रहती हैं, वहीं कुछ छात्र अपनी कड़ी मेहनत और मेधा से यह सिद्ध कर देते हैं कि प्रतिभा किसी बैसाखी की मोहताज नहीं होती। मूलतः रायबरेली (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले और सूरत के भूलका बिहार स्कूल के छात्र धैर्य ऋतुकुमार द्विवेदी ने बिना किसी आरक्षण के सहयोग के, केवल अपने कौशल और परिश्रम के दम पर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
दोहरी सफलता: बोर्ड और GUJCET में बजाया डंका
धैर्य ने 12वीं विज्ञान वर्ग (Science) की परीक्षा में 92.5% (A2 ग्रेड) अंक प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक योग्यता का लोहा मनवाया है। इतना ही नहीं, गुजरात के शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली अत्यंत कठिन GUJCET परीक्षा में भी धैर्य ने 120 में से 110.5 का ऐतिहासिक स्कोर खड़ा किया है।
मेरिट में शीर्ष स्थान की प्रबल दावेदारी
इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री, और मैथ्स के साथ GUJCET के अंकों का जो तालमेल (Merit) चाहिए, उसमें धैर्य ने असाधारण प्रदर्शन किया है। सामान्य वर्ग से होने के कारण संसाधनों और प्रतिस्पर्धा की चुनौतियों के बावजूद धैर्य की यह उपलब्धि समाज के उन युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है जो केवल योग्यता के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं।
संस्कार और अनुशासन का परिणाम
धैर्य के पिता श्री ऋतुकुमार द्विवेदी का मानना है कि यह सफलता धैर्य के अनुशासन और परिवार के संस्कारों की जीत है। बिना किसी विशेष कोटे या छूट के इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना यह दर्शाता है कि यदि शिक्षा में बराबरी की भावना और मेहनत का जज्बा हो, तो देश और समाज को नई दिशा दी जा सकती है।
समाज तक इस प्रतिभावान युवा के उज्जवल भविष्य की कामना करता है, जो आने वाले समय में एक ईमानदार इंजीनियर बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देगा।
खबर स्रोत: www.samajtak.com
प्रेरक संदेश: “योग्यता को अवसर मिले तो वह इतिहास रचती है।”


