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रायबरेली: रामपाल सिंह स्मृति लॉ कॉलेज में शिक्षा, संस्कार और सम्मान का भव्य संगम, पंचम बैच को भावभीनी विदाई, नवप्रवेशित विद्यार्थियों का हुआ गरिमामय स्वागत

रायबरेली। जनपद के रामपाल सिंह स्मृति लॉ कॉलेज में शिक्षा, संस्कृति, अनुशासन और सम्मान का अनूठा संगम देखने को मिला। कॉलेज परिसर में पंचम बैच के छात्र-छात्राओं के सम्मान में भव्य विदाई समारोह तथा नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं परिचय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम में विधि जगत के वरिष्ठ अधिवक्ताओं, पत्रकारों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान, ध्वजारोहण एवं वृक्षारोपण के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। इस अवसर पर ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण दिखाई दिया।

समारोह में मुख्य अतिथि रामबरन सिंह एडवोकेट, विशिष्ट अतिथि अनूप जायसवाल एडवोकेट एवं शिवकुमार श्रीवास्तव एडवोकेट सहित अनेक वरिष्ठ अधिवक्ताओं और सम्मानित पत्रकारों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कॉलेज के प्रबंधक यशपाल सिंह एडवोकेट ने सभी अतिथियों, पत्रकारों, शिक्षकों एवं अभिभावकों का माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्रबंधक यशपाल सिंह एडवोकेट ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना या डिग्री प्राप्त करना नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक, संवेदनशील इंसान और सफल विधि विशेषज्ञ का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि कानून की पढ़ाई समाज में न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने विदा हो रहे छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए नवप्रवेशित विद्यार्थियों का कॉलेज परिवार में स्वागत किया और उन्हें अनुशासन, ईमानदारी, समर्पण एवं निरंतर अध्ययन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

समारोह का सबसे आकर्षक और मनमोहक हिस्सा छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रत्येक प्रस्तुति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों की कला एवं आत्मविश्वास की मुक्तकंठ से सराहना की।

इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वकालत केवल एक पेशा नहीं, बल्कि न्याय, नैतिकता, संविधान और समाज सेवा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान की गरिमा बनाए रखने, सत्य एवं निष्पक्षता के मार्ग पर चलने तथा समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को न्याय दिलाने के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया।

विदाई समारोह के दौरान पंचम बैच के छात्र-छात्राओं ने कॉलेज में बिताए अपने यादगार पलों, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपने अनुभवों को भावुक शब्दों में साझा किया। वहीं नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने अपना परिचय देते हुए गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा प्राप्त कर समाज और देश की सेवा करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान आत्मीयता, अपनापन और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

समारोह के अंत में सभी अतिथियों, पत्रकारों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और सम्मान की भावना से ओत-प्रोत यह आयोजन न केवल विदा हो रहे विद्यार्थियों के लिए जीवनभर की याद बन गया, बल्कि नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा, आत्मविश्वास और नए उत्साह का संदेश लेकर आया।

– समाज तक न्यूज़

Samaj Tak
Author: Samaj Tak

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