नशे की ‘स्टेयरिंग’ और 45 जिंदगियां: यात्रियों के साहस से टला बड़ा हादसा, पुलिस ने कसी नकेल
रायबरेली (सतांव)। सड़क पर दौड़ती एक सरकारी बस जब अचानक डगमगाने लगे, तो समझिए कि मौत सौ की रफ्तार से आपका पीछा कर रही है। रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के खगियाखेड़ा गांव के पास गुरुवार को कुछ ऐसा ही मंजर देख यात्रियों की रूह कांप गई। फतेहपुर डिपो की रोडवेज बस (UP-32 KN-3322) के चालक और परिचालक नशे में इस कदर धुत थे कि उन्हें 45 यात्रियों की जान की परवाह तक नहीं थी।
सफर बना ‘खौफ का मंजर’
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस फतेहपुर से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। लालगंज तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन उसके बाद बस की चाल बिगड़ने लगी। नशे में धुत चालक अमर सिंह बस को सड़क पर ‘लहराकर’ चलाने लगा। यात्रियों ने जब इसका विरोध किया और सही से चलने को कहा, तो चालक और परिचालक कुलदीप शालीनता भूल अभद्रता पर उतर आए। बस की अनियंत्रित गति देख कई बार ऐसा लगा कि बस पलट जाएगी, लेकिन यात्रियों ने हिम्मत दिखाई और सामूहिक दबाव बनाकर बस को खगियाखेड़ा के पास रुकवा लिया।
यात्रियों की सजगता और ‘डायल-112′ का एक्शन
यह मामला केवल एक विभाग की लापरवाही का नहीं, बल्कि यात्रियों की जागरूकता का भी है। राजेंद्र कुमार, शिव और राजेश प्रसाद जैसे यात्रियों ने खौफ को साहस में बदला और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गुरुबख्शगंज थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने न केवल स्थिति को संभाला, बल्कि आरोपी चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर उनका मेडिकल परीक्षण कराया।
पुलिस की तत्परता की सराहना
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एमवी एक्ट (Motor Vehicles Act) के तहत बस का चालान किया और यात्रियों को दूसरी बस से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया। क्षेत्र के लोगों और यात्रियों ने पुलिस प्रशासन की इस मुस्तैदी की सराहना की है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
’एक समाज’ की अपील: चुप न रहें, आवाज उठाएं
यह घटना एक चेतावनी है। सरकारी या निजी वाहनों में अगर चालक नशे की हालत में दिखे, तो यह आपकी नैतिक जिम्मेदारी है कि आप चुप न बैठें। इन 45 यात्रियों की तरह आवाज उठाएं, क्योंकि आपकी एक ‘कॉल’ कई परिवारों को उजड़ने से बचा सकती है।
बड़ा सवाल: आखिर परिवहन विभाग के चेकिंग पोस्ट क्या कर रहे थे? क्या नशेड़ी ड्राइवरों के भरोसे जनता का सफर सुरक्षित है? क्षेत्रीय प्रबंधक को इस मामले में कड़ी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई दूसरा ड्राइवर ऐसी जुर्रत न कर सके।
ब्यूरो रिपोर्ट: ‘एक समाज’ वेब पोर्टल सच्चाई के साथ, समाज के लिए।


