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रायबरेली में तेल का ‘अकाल’: पेट्रोल पंपों पर हाहाकार, डिब्बे-कैन लेकर सड़कों पर उतरे लोग
​रायबरेली। जनपद रायबरेली में इस समय पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के लगभग सभी क्षेत्रों से तेल संकट की खबरें सामने आ रही हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें मुख्य सड़कों तक पहुंच गई हैं, जिससे यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
​पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड, जनता बेहाल
​जिले के सरेनी, गुरुबक्शगंज, खीरो और शहर क्षेत्र के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। जहाँ तेल उपलब्ध है, वहाँ भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी का माहौल है। लोग चिलचिलाती धूप में घंटों अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कई पंप मालिकों ने स्टॉक खत्म होने का बोर्ड लगा दिया है, जिससे उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है।
​खेती से लेकर शादी तक सब प्रभावित
​यह संकट ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी का काम जोरों पर है। ट्रैक्टरों और जनरेटरों के लिए डीजल न मिलने से किसान परेशान हैं। वहीं, शादियों का सीजन होने के कारण लोग गाड़ियों में तेल भरवाने के लिए एक पंप से दूसरे पंप के चक्कर काट रहे हैं।
​स्थानीय निवासी का कहना है: “हम सुबह 6 बजे से लाइन में लगे हैं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया। घर में शादी है, गाड़ियां खड़ी हैं। प्रशासन को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।”

क्या है किल्लत की वजह?
​हालांकि आधिकारिक तौर पर सप्लाई बाधित होने का कोई स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय सूत्रों का मानना है कि डिपो से तेल की आपूर्ति में कमी आई है। कुछ जगहों पर भीड़ बढ़ने के कारण लोगों के बीच आपस में और पंप कर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक और तनाव की स्थिति भी देखने को मिली है।
​प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
​अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला प्रशासन और रसद विभाग इस संकट से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठा रहा है? अगर अगले 24 घंटों में सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो जनपद में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है।
​समाज तक मीडिया की टीम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है। अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।

Samaj Tak
Author: Samaj Tak

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