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पासी समाज की बुज़ुर्ग महिला पर अत्याचार, ‘हमें बचा लो’ की गुहार — विजय प्रताप सिंह ने पुलिस व समाज प्रमुख को दी सूचना

रायबरेली

पासी समाज की बुज़ुर्ग महिला पर अत्याचार, ‘हमें बचा लो’ की गुहार — विजय प्रताप सिंह ने पुलिस व समाज प्रमुख को दी सूचनाजनपद रायबरेली के थाना गुरबक्शगंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सताँव निवासी पासी समाज की बुज़ुर्ग महिला ईश्वर देई (उम्र लगभग 70 वर्ष) ने अपने पति पर लगातार मारपीट व मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि घरेलू कलह और हिंसा के कारण उसका एकमात्र बेटा भी घर छोड़कर बाहर जाने को मजबूर हो गया है।

पीड़िता का कहना है कि उसे शासन द्वारा गरीब महिला कॉलोनी में आवास मिला है, जहाँ वह निवास कर रही है, लेकिन उसका पति अब उसे उसी कॉलोनी से भी जबरन बाहर निकालने का प्रयास कर रहा है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति का पड़ोस की एक महिला से अत्यधिक संपर्क है, और उसी प्रभाव में आकर वह उसे घर से निकालने की कोशिश कर रहा है।

महिला ने आशंका जताई कि उसका पति उसकी जमीन-जायदाद किसी अन्य व्यक्ति के नाम न लिख दे। इसी डर और लगातार हो रही प्रताड़ना के चलते वह शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रही है। पीड़िता ने रोते हुए कहा—

“मैं जानकी भीख माँग रही हूँ, हमें बचा लो, हमें बचा लो।”

थाना स्तर पर दर्ज हुई शिकायत

पीड़िता ने बताया कि उसने अपने साथ हो रहे अत्याचार को लेकर थाना गुरबक्शगंज में शिकायत दर्ज करा दी है और पुलिस से सुरक्षा व कार्रवाई की मांग की है।

मामले की जानकारी मिलने पर पत्रकार विजय प्रताप सिंह ने थाना अध्यक्ष गुरबक्शगंज संजय कुमार सिंह से फोन पर वार्ता कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया। थाना अध्यक्ष द्वारा आश्वासन दिया गया कि मामले की जाँच कर पीड़िता को आवश्यक सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

इस संबंध में ग्राम प्रधान से भी फोन पर वार्ता की गई। साथ ही पासवान समाज के जिला अध्यक्ष राममिलन जी को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई, जिन्होंने आश्वासन दिया कि समाज स्तर पर बुज़ुर्ग महिला को हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।

झूठे मामलों के भय से प्रशासन को दी गई सूचना

इस पूरे प्रकरण पर पत्रकार विजय प्रताप सिंह ने कहा कि

“हम सामान्य वर्ग से हैं और आज की स्थिति में पूरी तरह सीधे हस्तक्षेप करना जोखिम भरा हो गया है। एक पासवान की मदद करने पर दूसरा पासवान झूठे तरीके से एससी/एसटी एक्ट में फँसाने का प्रयास कर देता है। इसी कारण हमने तत्काल पुलिस प्रशासन, समाज के जिला अध्यक्ष और ग्राम प्रधान को सूचना दी, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि बुज़ुर्ग महिला लंबे समय से घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना झेल रही है, लेकिन अब उसने हिम्मत जुटाकर अपनी पीड़ा सार्वजनिक की है। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब तक पीड़िता को वास्तविक सुरक्षा और न्याय मिल पाता है।

Samaj Tak
Author: Samaj Tak

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